कैसा है रामलाल की मूर्ति देखिए ? अयोध्या के राम भगवान काले क्यों ? क्या है काले रंग का रहस्य ?

सबसे पहले हम आपको बताएंगे अयोध्या के राम मंदिर में जिस मूर्ति को लगाया गया है उनका स्वरूप भगवान राम के बचपन  के रूप में बनाया गया है उनका मुखमंडल उनके बचपन के मुखमंडल जैसा है आईए जानते हैं भगवान राम के मूर्ति के रंग के पीछे का रहस्य

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अयोध्या के राम भगवान काले क्यों

अयोध्या: भगवान राम की मूर्ति का रहस्य :  दोस्तों  भगवान राम के स्वागत में अयोध्या पूरी तरह से सज चुकी है  अब वक्त आ चुका है जब अयोध्या मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है 22 जनवरी यानि सोमवार को भगवान राम की मूर्ति की पुराण प्रतिष्ठा होने जा रही है  वैसे तो प्राण प्रतिष्ठा का शुरुआत 16 जनवरी 2024 से शुरू हो चुका था और 22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा की आखिरी तिथि है जहां देश  के कोने से श्रद्धालु आने वाले हैं पर आपको बता दें अगर आप नहीं पहुंच सकेंगे तो मैं आपको बताना चाहूंगा अयोध्या के मंदिर में जो भगवान श्री राम के मूर्ति  प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है उसे मूर्ति के रूप में भगवान के बचपन के रूप को डाला गया है यानी अगर आपने अभी तक भगवान श्री राम के किसी और रूप में देखे होंगे यानी यह कि अगर आपने भगवान श्री राम के युवा अवस्था के रूप में देखा होगा पर यहां उनके बाल अवस्था की प्रतिमा बनाई गई है ऐसा इसलिए क्योंकि अयोध्या भगवान श्री राम का जन्म भूमि है अब आपको बताते हैं भगवान श्री राम के मूर्ति में जिस संगमरमर इस्तेमाल किया गया उसका रंग क्या है वैसे सोशल मीडिया पर जोरों शोरों से भगवान श्री राम का काले रंग का मूर्ति की फोटो वायरल हो रही है तो आखिर इसमें कितनी सच्चाई है हम आपको बता ही देते हैं आखिर श्री राम की मूर्ति काले रंग में क्यों बनाई गई है

मूर्ति को काले रंग में बनाने का एक अपना ही रहस्य है आखिर मूर्ति काली ही क्यों :भारत के वेद पुराण में या फिर यह कह महर्षि वाल्मीकि रामायण भगवान श्री राम को सामने रूप  में बताया गया है अयोध्या जन्मभूमि पर भगवान श्री राम के सामने रूप को पूजा किया जाता है वैसे आपको बता दे भगवान श्री राम की मूर्ति का निर्माण श्याम शीला पत्थर से किया गया है यह कोई आम पत्थर नहीं है यह अपने आप में खास पत्थरों में से एक है बताया जाता है श्याम शीला पत्थर का आयु लगभग हजारों वर्ष मानी जाती है यानी यह कि अगर यह मूर्ति एक बार बन गई तो हजारों साल तक इसे कोई नहीं खंडित कर पाएगा यानी यह कहें यह विलुप्त नहीं हो पाएगा शिवाय इसके कि आप उसे नष्ट कर दें इसे श्याम पत्थर से इसलिए भी बनाया गया क्योंकि हिंदुओं के पूजा पाठ में अक्सर भगवान को तिलक चंदन जैसे गी दूध जैसे सामग्रियों से अभिषेक कराया जाता है ऐसे में मूर्ति  पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला है हजारों साल तक इस मूर्ति को कुछ भी नहीं होने वाला है यह खास बात होती है श्याम शीला पत्थर की

 क्या मतलब है प्राण प्रतिष्ठा का

अयोध्या : वैसे कुछ लोगों का मानना है यह सभी फजूल चीज होती है पर कुछ लोगों का इसमें गहन विश्वास होता है  लोगों द्वारा ऐसा कहा जाता है की प्राण प्रतिष्ठा का मतलब यह होता है कि किसी भी मूर्ति में प्राण डालना यानी किसी भी मूर्ति में भगवान का निवास करवाना प्राण प्रतिष्ठा एकमात्र जरिया है इस दौरान  मूर्ति को पूजा किया जाता है और मित्रों से भगवान की आवाहन किया जाता है या फिर यह कह सकते हैं भगवान को बुलाने की कोशिश की जाती है इसलिए इस पूजा की पूरी प्रक्रिया को प्राण प्रतिष्ठा कहते हैं

 22 तारीख को क्या व्यवस्था होगी अयोध्या में

अयोध्या : दोस्तों वैसे तो अयोध्या में 22 तारीख को यानि सोमवार 22 जनवरी को पूरे देश और विदेश से श्रद्धालु पहुंचेंगे अयोध्या धाम पर हम आपको बता देते हैं अयोध्या धाम 22 तारीख को पहुंचना इतना भी आसान नहीं होने वाला है क्योंकि अयोध्या धाम से लगभग 60 किलोमीटर दूर तक किसी भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना वर्जित है जैसे ड्रोन, स्मार्टफोंस,  सारे टेलीकॉम टॉवर्स को बंद कर दिया जाएगा जिससे वहां पर पहुंचने वाले लोग अगर वहां कुछ अनहोनी करना चाहे तो ना कर सके पूरी सिक्योरिटी का इंतजाम किया गया है क्योंकि देश के दिग्गज लोग वहां पहुंचने वाले हैं साथ ही देश के प्रधानमंत्री भी होंगे  और साथ ही 51 से अधिक जगहों पर 22000 से भी अधिक वाहनों का पार्किंग के जगह बनाए गए हैं इस शुभ अवसर पर कई ऐसे श्रद्धालुओं के लिए दुकान का व्यवस्था किया गया है जहां पर वह सामग्री  खरीद सकेंगे  इस तरीके से कई सारे व्यवस्थाएं की गई है

“अयोध्या की तैयारी: वीआईपी के लिए धाराप्रवाह और प्रेम से भरी पार्किंग की व्यवस्था”

अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए शहर ने अपने दर्शकों का स्वागत करने के लिए सब कुछ तैयार किया है, और इसमें वायरलेस और पीए सिस्टम से लैस पार्किंग को शामिल किया गया है।

“इन स्थानों पर की गई पार्किंग की व्यवस्था” में, अयोध्या के ट्रैफिक बीडी पॉल्सन ने बताया है कि शहर में आने वाले मेहमानों के लिए 51 स्थानों पर व्यापक पार्किंग का आयोजन किया गया है। इससे उन्हें विशेषता से ध्यान रखकर लगभग 22,825 वाहनों को एक साथ पार्क करने का संभावना है। यहां इन स्थानों की सूची शामिल है: रामपथ पर 5 स्थान, भक्ति पथ मार्ग पर 1 स्थान, धर्म पथ मार्ग पर 4 स्थान, परिक्रमा मार्ग पर 5 स्थान, बंधा मार्ग पर 2 स्थान, टेढ़ी बाजार रामपथ से महोबरा मार्ग पर 1 स्थान, और टेढ़ी बाजार रामपथ से उनवल मार्ग पर 7 स्थान। इसके अलावा, गोंडा मार्ग पर 2 स्थान, एनएच 27 पर 10 स्थान, तीर्थ क्षेत्र पुरम में 7 स्थान, और कारसेवक पुरम टेंट सिटी के आस-पास 3 स्थान पार्किंग के लिए उपलब्ध हैं। यह सभी पार्किंग स्थल सरकारी, नजूल, निजी, और पर्यटन विभाग की भूमि पर तैयार किए गए हैं, जिससे दर्शकों को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव हो।

“ड्रोन से वीवीआईपी पार्किंग स्थल की होगी निगरानी” में, अयोध्या के ट्रैफिक सीओ राजेश तिवारी ने बताया है कि धर्म पथ और परिक्रमा मार्ग पर स्थित 6 पार्किंग स्थलों को वीवीआईपी मेहमानों के लिए रिजर्व किया गया है। इससे इन प्रतिष्ठानुसार वाहनों को सुरक्षित रूप से पार्क किया जा सकेगा, और उन्हें अपनी गाड़ी को ढूंढ़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, धर्म पथ मार्ग और परिक्रमा मार्ग पर 9 अन्य पार्किंग स्थलों को भी वीआईपी के लिए रिजर्व किया गया है, ताकि इन स्थानों पर दर्शकों का संबंधितता बना रहे। इस सब की निगरानी को ड्रोन से किया जाएगा

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